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Ramayan In Hindi

 

Sampurna Ramayan in Hindi – श्री राम चरित मानस अवधी भाषा में गोस्वामी तुलसीदास द्वारा १६वीं सदी में रचित एक महाकाव्य है। इस ग्रन्थ को हिंदी साहित्य की एक महान कृति माना जाता है। सम्पूर्ण रामायण हिंदी में, आठो काण्ड सहित। संपूर्ण रामायण को आठ भागो में या कहे आठ काण्ड में बाटा गया है जो क्रमशः निम्न प्रकार है।बालकाण्डअयोध्याकाण्डअरण्यकाण्डकिष्किन्धाकाण्डसुन्दरकाण्डलंकाकाण्डउत्तरकाण्डलवकुशकाण्ड

  1. The first part is “Balakand, meaning the part of the childhood.
  2. The second part is “Ayodhyakanda, meaning the part of Ayodhya.
  3. The third part is “Aranyakanda, meaning the part of the forests.
  4. The fourth part is “Kishkindhakanda, meaning the part of Kishkindha.
  5. The fifth part is “Sundarakanda, meaning the part beautiful.
  6. The sixth part is “Lankakanda, meaning the part of the war.
  7. The seventh part is “Uttarakanda, meaning the part of after events.
  8. The eighth part is “Lavkushkanda, meaning the part of “Lavkush” stories.

Bhagavad Gita | भगवद गीता

भगवद गीता: श्रीमद भगवद गीता का दिव्य ज्ञान महाभारत के युद्ध में भगवान श्री कृष्ण ने अपने सखा कुंती पुत्र अर्जुन को सुनाई थी जब अर्जुन महाभारत के युद्ध में विचलित होकर अपने कर्तव्य से विमुख हो रहे थे। भगवान ने यह गीता का ज्ञान कर्तव्य से भटके हुए अर्जुन को कर्तव्य सिखाने के लिए और आने वाली पीढ़ियों को धर्म ज्ञान सिखाने के लिए दिया था।

पहला अध्याय – अर्जुनविषादयोग | दूसरा अध्याय – सांख्ययोग नामकतीसरा अध्याय – कर्मयोगचौथा अध्याय – ज्ञानकर्मसंन्यासयोग

पाँचवाँ अध्याय – कर्मसंन्यासयोगछठा अध्याय – आत्मसंयमयोगसातवाँ अध्याय – ज्ञानविज्ञानयोगआठवाँ अध्याय – अक्षरब्रह्मयोग

नौवाँ अध्याय – राजविद्याराजगुह्ययोगदसवाँ अध्याय – विभूतियोगग्यारहवाँ अध्याय – विश्वरूपदर्शनयोगबारहवाँ अध्याय – भक्तियोग

तेरहवाँ अध्याय – क्षेत्र-क्षेत्रज्ञविभागयोगचौदहवाँ अध्याय – गुणत्रयविभागयोगपंद्रहवाँ अध्याय – पुरुषोत्तमयोग

सोलहवाँ अध्याय – दैवासुरसम्पद्विभागयोगसत्रहवाँ अध्याय – श्रद्धात्रयविभागयोगअठारहवाँ अध्याय – मोक्षसंन्यासयोग

Bhagvad Gita

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